देवघर (DEOGHAR) : देवघर के चितरा में स्थित एसपी माइंस का निरीक्षण करने ECL सांकतोड़िया से पहुँची. निरीक्षण के दौरान निदेशक कार्मिक स्वाति वेन ने वहाँ संचालित अस्पताल की दुर्दशा पर नाराजगी जताई है. साथ ही उन्होंने अस्पताल को दूसरे जगह शिफ्ट करने का निर्देश देते हुए कोलियरी क्षेत्र और कोलियरी वेलफेयर मद से संचालित विभिन्न विभागों का जायजा भी लिया. एसपी माइंस चितरा के महाप्रबंधक को उचित दिशा निर्देश भी दी.

कोलियरी का अस्पताल राम भरोसे

जिस कोलकर्मी के बदौलत कोयला उत्पादन से अच्छी खासी राजस्व सरकार को प्राप्त होती है. उसी कोलकर्मी के स्वास्थ्य के साथ एसपी माइंस चितरा का प्रबंधन कर रहा है. कोलकर्मी के लिए बनी अस्पताल की दुर्दशा तब सामने आई जब ECL सांकतोड़िया से पहुँची निदेशक कार्मिक स्वाति वेन द्वारा निरीक्षण किया गया. निदेशक कार्मिक ने अपने निरीक्षण के दौरान ecl अस्पताल में सिर्फ खामिया ही खामियां देखी. अस्पताल में न तो एक्सरे मशीन की उपलब्धता हैं और न ही अन्य उपकरण. इतना ही नहीं सैकड़ों कोलकर्मी के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए मात्र 4 तरह की दवाई ही उपलब्ध है. और तो और यहाँ महिला कर्मियों के लिए एक भी महिला डॉक्टर प्रतिनियुक्त नही है.निदेशक कार्मिक ने अस्पताल की कुव्यवस्था पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई.निदेशक कार्मिक ने अस्पताल को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने का सख्त निर्देश दिया गया है.सूत्रों के अनुसार अब ecl चितरा अस्पताल को गेस्ट हाउस के पश्चिम ग्रीड रोड में शिफ्ट किया जाएगा.

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कोलकर्मी की समस्या उठाई

करोड़ो रुपया सालाना राजस्व देने वाला चितरा कोलियरी में कई तरह की समस्या है.कोलकर्मी से लेकर स्थानीय और विस्थापितों की समस्या को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने पुरजोर तरीके से निदेशक कार्मिक के समक्ष रखा.पूर्व विस अध्यक्ष ने क्षेत्र में व्याप्त विभिन समस्या से निदेशक कार्मिक को अवगत कराने के साथ साथ इसका जल्द निदान करने का आग्रह किया है.

यह कोई पहला मामला नही है जब कोलियरी प्रबंधन की उदासीनता से स्थानीय से लेकर कर्मियों तक को कभी कभी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.लेकिन कोई उच्च स्तर पर अपनी बात नही रख सकता.आज जिस प्रकार से स्थानीय निवासी और झारखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने सभी की समस्या निदेशक कार्मिक के समक्ष रखने से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी समस्या का निदान हो जाएगा.

रिपोर्ट. रितुराज सिन्हा