रांची(RANCHI): झारखंड में जमीन घोटाले मामले में जेल में बंद आईएएस समेत कारोबारी और दलालों की मुश्किले और बढ़ने वाली है. ED की ओर से दो बंडल दस्तावेज में कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल कर दिया है. चार्ज शीट रांची के पूर्व DC छवि रंजन,कारोबारी अमित अग्रवाल,अफसर अली,राजस्व कर्मचारी भानु प्रसाद प्रताप समेत दस लोगों के नाम शामिल है. सोमवार अहले सुबह ED के अधिकारी कोर्ट पहुंचे थे जहां अपने वकील के जरिए दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया गया है. अब चार्ज शीट के बाद इस पूरे मामले पर कोर्ट आगे की कार्रवाई कर सकती है.

कोर्ट कर सकती है आगे की कार्रवाई

सेना की कब्जे वाली जमीन समेत अन्य जमीन को फर्जी दस्तावेज बना कर खरीद बिक्री किया गया है. जिसमें ईडी ने पूरे मामले की जांच में कई लोगों से पूछताछ की. पूछताछ के बाद आईएएस छवि रंजन समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह मामला बड़े पैमाने पर धन शोधन का है. जमीन की हेरा फेरी कर अधिकारी और जमीन दलालों ने करोड़ों की संपत्ति बनाया है. अब चार्ज शीट दाखिल होने के बाद सभी गिरफ्तार अभियुक्तों पर कोर्ट आगे की कार्रवाई कर सकती है. सूत्रों की माने तो ED ने पुख्ता सबूत कोर्ट के समक्ष रखा है.

बरियातू थाना में दर्ज एक केस से जांच शुरू

बता दे कि झारखंड में जमीन हेरा फेरी मामले में ईडी ने बरियातू थाना में दर्ज एक केस से जांच शुरू किया था. इस जमीन घोटाले की परत खोलने के लिए ED ने पहली छापेमारी पिछले वर्ष रांची के चर्चित कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर किया था. इस छापेमारी में कई दस्तावेज हाथ लगे जिसके बाद दोबारा से 13 मई को रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन समेत 22 ठिकानों पर एक साथ दबिश देखी गई. इस छापेमारी में सात लोगों को ईडी ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद सभी से लंबी पूछताछ हुई फिर जेल भेज दिया गया.

जानिए कब किसकी हुई गिरफ़्तारी

बाद में आईएएस छवि रंजन को 22 मई को ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया लेकिन वह उस दिन ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे.दोबारा ईडी ने हाजिर होने का आदेश दिया जिसके बाद 24 मई को छवि रंजन ईडी दफ्तर पहुंचे थे इस दिन करीब 11 घंटे से अधिक पूछताछ हुई. इस पूछताछ से निकली जानकारी को आगे बढ़ाते हुए और भी कई लोगों से पूछताछ हुई.बाद में फिर चार मई को छवि रंजन को ईडी दफ्तर बुलाया गया.इस दिन करीब 12 घंटे पूछताछ हुई जिसके बाद उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया.