रांची(RANCHI): झारखंड में जमीन घोटाले मामले में अब ईडी की कार्रवाई तेज है. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद अब फर्जी तरीके से खरीद बिक्री की गई जमीन को जब्त कर लिया है. बता दे कि बरियातू में सेना की कब्जे और बाजरा मौजा की जमीन को फर्जी तरीके से बिक्री किया गया था जिसके बाद इस केस की जांच ईडी कर रही थी अब दोनों जमीन को जब्त कर लिया है जिसकी बाजार में कीमत करीब 74 करोड़ रुपये से अधिक है. जमीन जब्त करने की जानकारी ईडी की ओर से ट्वीट कर दी गई है.

25 करोड़ में बेची थी जमीन

सेना की कब्जे वाली 4.55 एकड़ और बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन को गलत दस्तावेज बना कर जमीन माफिया और अधिकारियों ने बेच दिया था. सेना की कब्जे वाली जमीन की कीमत करीब 41.51 करोड़ रुपये है वहीं बजरा मौजा की जमीन की कीमत 32.87 करोड़ बताई गई है. लेकिन इस जमीन को फर्जी तरीके से अधिकारी और माफियाओं ने कोलकाता के कारोबारी दिलीप घोष को करीब 25 करोड़ में बेच दिया था. 

अब तक 10 की गिरफ़्तारी

बता दे कि झारखंड में जमीन हेरा फेरी मामले में ईडी ने बरियातू थाना में दर्ज एक केस से जांच शुरू किया था. इस जमीन घोटाले की परत खोलने के लिए ED ने पहली छापेमारी पिछले वर्ष रांची के चर्चित कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर किया था. इस छापेमारी में कई दस्तावेज हाथ लगे जिसके बाद दोबारा से 13 मई को रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन समेत 22 ठिकानों पर एक साथ दबिश देखी गई. इस छापेमारी में सात लोगों को ईडी ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद सभी से लंबी पूछताछ हुई फिर जेल भेज दिया गया.

जानिए कब किसकी हुई गिरफ़्तारी

बाद में आईएएस छवि रंजन को 22 मई को ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया लेकिन वह उस दिन ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे.दोबारा ईडी ने हाजिर होने का आदेश दिया जिसके बाद 24 मई को छवि रंजन ईडी दफ्तर पहुंचे थे इस दिन करीब 11 घंटे से अधिक पूछताछ हुई. इस पूछताछ से निकली जानकारी को आगे बढ़ाते हुए और भी कई लोगों से पूछताछ हुई.बाद में फिर चार मई को छवि रंजन को ईडी दफ्तर बुलाया गया.इस दिन करीब 12 घंटे पूछताछ हुई जिसके बाद उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया.