टीएनपी डेस्क(TNP DESK): ब्रिटेन में चल रही राजनीतिक उठा पटक के बाद पीएम बोरिस जॉनसन ने इस्तीफा देने का एलान किया है. हालांकि, वो प्रधानमंत्री पद की बजाए पार्टी पद से इस्तीफा देंगे. वे कंजर्वेटिव पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से इस्तीफा देंगे. वह अभी प्रधानमंत्री के तौर पर इस्तीफा नहीं देंगे. खबर है कि वह अक्टूबर तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे. इसके बाद जब अक्टूबर में पार्टी का सम्मेलन होगा. तब उस सम्मेलन में नए प्रधानमंत्री का चयन किया जाएगा.

डिप्टी चीफ ह्विप की नियुक्ति बना विवाद का कारण

बता दें कि पीएम बोरिस जॉनसन के इस्तीफे का सबसे बड़ा कारण 30 जून को डिप्टी चीफ व्हिप की पोस्ट पर क्रिस पिंचर का अपॉइंटमेंट है. क्रिस पिंचर सेक्स स्कैंडल में फंसे थे. इसके बाद ही बोरिस जॉनसन ने उनको डिप्टी चीफ व्हिप की पोस्ट पर अपॉइंट किया था. इसके बाद ही ब्रिटिश कैबिनेट से इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया. एक के बाद एक करके 50 मंत्री और सांसदों ने इस्तीफा दे दिया. इन लोगों का कहना है कि ब्रिटिश पीएम सब जानते थे. इसके बावजूद उन्हें अपॉइन्ट् किया गया. ब्रिटिश पीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगातार इस कदर बढ़ा है कि 36 घंटे पहले मंत्री बने मिशेल डोनेलन ने भी इस्तीफा दे दिया है.

नियम की बात करें तो 12 महीने के अंदर बोरिस जॉनसन के खिलाफ दूसरा नो-कॉन्फिडेंस मोशन नहीं लाया जा सकता. पिछले महीने ही जॉनसन ने कॉन्फिडेंस वोट जीता था. ऐसे में अक्टूबर तक बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री रह सकते हैं और तब वह इस्तीफा देंगे.