टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देश के पूर्वोत्तर में तरह-तरह की समस्याएं हैं. जिनसे निपटने और उन्हें हल करने का दावा सभी सरकार करती रही हैं. ऐसे में इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान आया है. अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी को पूर्वोत्तर की समस्याओं का स्थायी हल मिल चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और कोई समस्या नहीं होगी और 2024 तक इसके सभी मुद्दों का समाधान कर दिया जाएगा. गृह मंत्री ने यह टिप्पणी राजनीतिक प्रस्ताव पर अपने संबोधन के दौरान भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बोलते हुए की.
पूर्वोंतर के कई राज्यों से AFPSA हटाया
बता दें कि मार्च महीने में केंद्र ने नागालैंड के सात जिलों में 15 पुलिस थाना क्षेत्रों से, मणिपुर के छह जिलों में 15 पुलिस थाना क्षेत्रों और 23 जिलों में पूरी तरह से और असम में एक जिले से आंशिक रूप से AFPSA को हटा दिया था. असम और मेघालय की सरकारों ने इस साल मार्च में अपने 50 साल पुराने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एक ऐतिहासिक समझौते पर भी हस्ताक्षर किया. गृह मंत्रालय द्वारा जांच और विचार के लिए 31 जनवरी को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा अमित शाह को एक मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दो महीने बाद असम और मेघालय के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. शाह के भाषण पर बोलते हुए, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया को जानकारी दी और कहा कि यह हमारे लिए उत्तर-पूर्व में एक यात्रा रही है और गृह मंत्री ने हमें बताया कि उन्हें खुशी है कि अब हमारे पास एक स्थायी पता है. पूर्वोत्तर और हम कहीं नहीं जा रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू नहीं होने के कारण अमित शाह ने क्या कहा, असम के सीएम ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए सुधारों पर विपक्ष की आपत्ति के कारण देरी हुई है. हालांकि, सरकार सीएए को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.
सीएए को लागू करने के लिए हम प्रतिबद्ध
सरमा ने कहा कि आप जानते हैं कि विपक्ष मोदी सरकार द्वारा सीएए सहित कई सुधारों पर आपत्ति जता रहा है. इसमें देरी हुई है लेकिन हम सीएए को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और नियम बनाए जाएंगे. यह बताते हुए कि भाजपा पूर्वोत्तर क्षेत्र की समस्याओं को कैसे हल करने की योजना बना रही है. सरमा ने कहा कि अमित शाह ने बताया कि भाजपा की यात्रा उत्तर-पूर्व में कैसी रही है और 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद विकास कैसे हुआ. हम लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्रों में पूर्वोत्तर क्षेत्र से AFSPA को हटाया है. इस पर भी चर्चा की. उन्होंने यह भी कहा कि 2024 तक, उत्तर-पूर्व में कोई और फॉल्ट लाइन नहीं होगी और सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा.
अमित शाह ने की विपक्षी दलों की खिंचाई
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान भाजपा की ओर से राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया और 2002 के दंगों के मामले में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए विपक्षी दलों की खिंचाई की. शाह ने 2002 के गुजरात दंगों के मामले में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर प्रकाश डाला, जहां याचिकाकर्ता कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जकिया जाफरी थीं, जिन्होंने एसआईटी की विशेष टीम द्वारा नरेंद्र मोदी को दी गई क्लीन चिट को चुनौती दी थी.
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