रांची (RANCHI) : सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीद-बिक्री मामले में पूर्व मंत्री एनोस और उनकी पत्नी मेनन एक्का को सीबीआई की विशेष अदालत ने 7-7साल की सजा सुनाई है. इसके अलावा दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, और जुर्माना न देने पर उन्हें 6 महीने का अतिरिक्त सजा काटनी होगी. रांची के तत्कालीन एलआरडीसीसी कार्तिक कुमार प्रभात को 5 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया.

अदालत ने अन्य आरोपियों को धारा 193बी के तहत 2 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. मणिलाल महतो, ब्रजेश्वर महतो और अनिल कुमार फिरोज अख्तर को भी 5 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया. अन्य आरोपियों को 4 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया.

इस मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़े आरोपों में 9 लोगों को दोषी ठहराया. आरोपों के अनुसार, मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने अपने पद का दुरुपयोग किया और फर्जी पते पर अवैध रूप से आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त की. इसमें तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी कार्तिक कुमार प्रभात ने उनकी मदद की. सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त की गई.

बताते चलें कि एक आरोपी गोवर्धन बैठा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. सीएनटी एक्ट के 15 साल पुराने मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया है. इसमें पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 11 आरोपी हैं. एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने और फर्जी पते पर आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री करने का आरोप है. इसमें तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने मदद की थी.

जानिए क्या है पूरा मामला

प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी की गई. हिनू में 22 कट्ठा जमीन, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़, चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर खरीदी गई. जमीन की सारी खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एनोस एक्का व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. जांच पूरी करते हुए सीबीआई ने दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की. 5 नवंबर 2019 को सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में एनोस एक्का व अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे. 22 अगस्त को सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया और आदेश के लिए आज की तारीख तय की. मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसीसी कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, गोवर्धन बैठा, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो मुकदमे का सामना किए.