पटना (PATNA):भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार और काराकाट से पूर्व सांसद प्रत्याशी पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पत्र लिखकर सबको चौंका दिया है.पति से दूरी और संवादहीनता के दर्द को साझा करते हुए ज्योति ने यहां तक लिखा कि अब मुझे आत्मदाह के सिवा कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. पत्र वायरल होते ही भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
पति से दूरी और संवादहीनता
ज्योति सिंह ने पत्र की शुरुआत अपने पति को संबोधित करते हुए की उन्होंने लिखा कि महीनों से वह पति पवन सिंह से पारिवारिक और राजनीतिक मुद्दों पर बात करना चाहती थी, लेकिन हर बार उनकी कोशिशें नाकाम रही.उन्होंने बताया कि वह लखनऊ तक मिलने गई, छठ पर्व पर डिहरी पहुंचीं, यहां तक कि उनके पिता भी पवन सिंह से बात करने गए, मगर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.
मेरे माता-पिता की इज्जत से खेला जा रहा है
पत्र में ज्योति सिंह ने लिखा अगर मैं आपके लायक नहीं थी तो शुरुआत में ही छोड़ देते. झूठे आश्वासन क्यों दिए? अब हालात ऐसे हैं कि मुझे आत्मदाह के अलावा कोई रास्ता नहीं दिखता. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कदम उठाने पर सवाल उन्ही पर और उनके माता-पिता पर उठेंगे, इसलिए वह ऐसा नहीं करेंगी.
“मैंने सात साल पत्नी धर्म निभाया”
ज्योति ने पति से गुहार लगाते हुए लिखा मैंने सात सालों तक संघर्ष किया है. हमेशा आपका साथ दिया और पत्नी धर्म निभाया.अब आपकी बारी है मेरा साथ देने की.आपने अपने विरोधियों को माफ किया, लेकिन मुझे अपनी बात कहने का मौका तक नहीं दिया. उन्होंने पति से अंतिम बार अपील की कि एक बार बात जरूर करें और उनके दर्द को समझे.
चुनावी सफर और रिश्तों में दरार
लोकसभा चुनाव 2024 में दोनों साथ नजर आए थे.ज्योति सिंह चुनाव प्रचार में सक्रिय थी, लेकिन परिणाम के बाद रिश्तों में खटास की खबरें सामने आई. इसी बीच ज्योति ने खुद भी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई और क्षेत्र में सक्रिय हो गई. राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और निजी रिश्तों के तनाव के बीच अब यह पत्र विवाद को और गहरा कर रहा है.
जनता और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पत्र को लेकर जबरदस्त चर्चा है.पवन सिंह के चाहने वालों का एक वर्ग ज्योति सिंह के दर्द को सही ठहरा रहा है और पवन सिंह से उनके सम्मान की अपील कर रहा है. वहीं कुछ लोग मानते हैं कि निजी विवाद को सार्वजनिक करना उचित नहीं है. राजनीतिक विश्लेषक इसे भावनात्मक अपील के साथ-साथ एक रणनीतिक संदेश भी मान रहे है.
पवन सिंह की चुप्पी
पत्र वायरल होने के बाद भी पवन सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.भोजपुरी स्टार हमेशा से विवादों में घिरे रहे है, लेकिन इस बार मामला बेहद निजी और संवेदनशील है.अब सबकी निगाहें पवन सिंह की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है.
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