सीवान(SIWAN): बिहार के चर्चित पत्रकार हत्याकांड मामले में दिल्ली की सीबीआई अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि तीन अन्य को दोषी करार दिया गया है. इस मामले में एक आरोपी पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की पहले ही मौत हो चुकी है.

घटना और जांच

हिन्दुस्तान समाचार पत्र के पत्रकार राजदेव रंजन की 13 मई, 2016 को सीवान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनकी पत्नी आशा यादव ने नगर थाना में अज्ञात पेशेवर अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. मामले की जांच पहले पुलिस ने की, बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया.सीबीआई ने 15 सितंबर, 2016 को केस दर्ज कर आठ आरोपितों जिनमे सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन भी शामिल थे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की.

अदालत की कार्यवाही

ट्रायल के दौरान अदालत में 69 गवाहों और 111 प्रदर्शों को पेश किया गया साथ ही आरोपितों से 183 सवाल पूछे गए.
28 अगस्त को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन एक आरोपी की बीमारी के कारण कार्यवाही टल गई. अंततः 30 अगस्त को अदालत ने फैसला सुनाया.

पक्षकारों की प्रतिक्रिया

फैसले के बाद आरोपियों के वकील शरद सिन्हा ने कहा जिन्हें दोषी बताया गया है, उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. हम अपील करेंगे और वे भी बरी होंगे. मरहूम डॉक्टर शहाबुद्दीन को भी अदालत ने रिहा कर दिया है.वहीं, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता राकेश दुबे (एपीपी) ने कहा आज जिन तीन आरोपियों को निर्दोष करार दिया गया है, फैसले की प्रति मिलने के बाद हम उच्च न्यायालय में इसके खिलाफ अपील करेंगे.