टीएनपी डेस्क (TNP DESK):-शादी की शहनाई जब बजती है, तो जिंदगी की एक नई शुरुआत होती है. इंसान अपनी नई पारी की शुरुआत करता है. लेकिन, सात जन्मों के इस बंधन को कानूनी मान्यता देने में झारखंड का एक शहर राज्य में सबसे आगे हैं. जिसके सामने न राजधानी रांची भी कही नहीं टिकटा है और न कोयला राजधानी धनबाद ही आस-पास नजर आता है. इस शहर का नाम जमशेदपुर है. जी लौहनगरी जमशेदपुर में स्पेशल मेरिज एक्ट के तहत सबसो ज्यादा कोर्ट मैरिज होते हैं.

अब तक 33,300 कोर्ट मैरिज

पिछले साल की बात करे तो, विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक 33,300 विवाह संपन्न हो चुके हैं. वही, झारखंड में 2022 के तीन शहरों के कोर्ट मैरिज आंकड़े देखे तो वो भी चौकाने वाले हैं. जहां राज्य की राजधानी रांची में 1183 विवाह हुए, धनबाद 361 , जबकि जमशेदपुर में 2498 विवाह कोर्ट मैरिज के तहत किया गया. इसमे साफ है कि जमशेदपुर कानूनी रुप से विवाह के मामले में सबसे आगे हैं.

स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत सबसे ज्यादा विवाह

जमशेदुपर में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत सबसे ज्यादा विवाह किए जाते हैं. ये शादी दो प्रकार की होती हैं. धारा -5 के तहत जिला अवर निबंधक सह विशेष विवाह पदाधिकारी के तहत शादी किया जाता है. जिसमे जोड़े एक दूसरे को पति-पत्नी के तहत स्वीकार करते हैं.2022 में इस एक्ट के तहत 1247 विवाह हुए. इसके अलावा धारा 15 के तहत विवाहित जोड़े बाद में अपना विवाह निबंधित कराते हैं. इसके तहत पिछले साल 1770 जोड़े ने विवाह को निबंधित कराया .