टीएनपी डेस्क(TNP DESK): राजस्थान के उदयपुर में हुई दर्दनाक हत्या ने राजस्थान सरकार को तो सकते में डाल ही दिया है. साथ ही में देश के अलग राज्यों के प्रशासन की भी परेशानी बढ़ा दी है. प्रशासन के लिए ये घटना सीख है कि सुरक्षा के इंतजाम में चूक नहीं होनी चाहिए. अगर, चूक होती है तो ऐसे ही घटना होती रहेगी. साथ ही लोगों को भी सोचने की जरूरत है कि धार्मिक उन्माद के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा सकता. ऐसे पागलपन से बचने की जरूरत है.  लोगों और प्रशासन के साथ सरकार को इसके बारे में सोचने की आवश्यकता है. मगर, फिलहाल अभी राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के मामले में केंद्र सरकार भी एक्शन में आ गई है. इस मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार ने NIA को जिम्मेवारी सौंप दी है. गृह मंत्रालय के ट्विटर हैन्डल से एक ट्वीट कर कहा गया है कि इस मामले की जांच के लिए NIA को कहा गया है. NIA इस मामले में किसी संगठन और अंतर्राष्ट्रीय भूमिका की भी जांच करेगी.

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वहीं मामले को लेकर राजस्थान पुलिस भी अलर्ट पर है. राजस्थान में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद हैं. साथ ही उदयपुर के सात थानों में कर्फ्यू लगाया गया है. साथ ही एक महीने के लिए धारा 144 भी लागू किया गया है. इस घटना के विरोध में उदयपुर के साथ झालावाड़, डूंगरपुर, राजसमंद कई शहर बंद हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस मामले को लेकर गंभीर हैं और हर एंगल से जांच कराने की बात उन्होंने कही है.

मामला क्या है?

दरअसल, नूपुर शर्मा के समर्थन में मृतक कन्हैयालाल की आइडी से एक सोशल मीडिया पोस्ट किया गया था. इस पोस्ट के खिलाफ उनके पड़ोसियों ने उनके खिलाफ ठाणे में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसे बाद में थाने के एएसआई ने दोनों पक्षों के बीच समझौता भी करा दिया था. मगर, आरोपियों ने इसके बावजूद भी कन्हैयालाल की जान से मारने की धमकी दी थी. और हुआ भी यही. दोनों आरोपी कपड़ा का नाप देने कन्हैयालाल की दुकान में मंगलवार को घुसे थे. पहले तो उन्होंने नाप दिया. इसके बाद उन्होंने बर्बर तरीके से कन्हैयालाल की हत्या कर दी. हत्या का वीडियो भी बनाया और इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धमकी दी. इस हत्या से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. इसे देखते हुए प्रशासन मुस्तैद हुई. समझौता कराने वाले एएसआई को सस्पेन्ड कर दिया गया है. वहीं पुलिस ने आरोपी मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस को गिरफ्तार कर लिया है. मामले के बाद से ही दोनों अपनी बाइक से भाग निकले थे.