TNP Desk : झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम हर जुबान पर है , सूर्या सोनल सिंह. 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिया गया उनका भाषण सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है. खास बात यह है कि यह भाषण सिर्फ झारखंड या भारत तक सीमित नहीं रहा बल्कि विदेशों तक इसकी गूंज पहुंच गई है. भारतीय प्रवासी समुदाय ने भी सूर्या सिंह को 'नई पीढ़ी की आवाज़' बताते हुए जमकर सराहा है.
कौन हैं सूर्या सिंह?
सूर्या सिंह झारखंड के रहने वाले भाजपा से जुड़े एक युवा नेता हैं. कम उम्र में राजनीति और सामाजिक कार्यों में सक्रिय होकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि नेतृत्व किसी उम्र का मोहताज नहीं होता,
पढ़ाई के दिनों से ही वे सामाजिक गतिविधियों में बढ़ - चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं. गरीबों और वंचितों की मदद करना, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर आवाज़ उठाना और युवाओं को संगठित करना उनकी पहचान रही है.
उनका परिवार राजनीति और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है, जिसने उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार सोच दी है. राजनीति में आने के बाद भी उन्होंने अपने उसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया.
राजनीति में एंट्री और सफर
भाजपा से जुड़ने के बाद सूर्या सिंह ने युवाओं की राजनीति में नई जान फूँकी. जहां कई नेता सत्ता और पद की राजनीति में उलझे रहते हैं, वहीं सूर्या युवाओं को केंद्र में रखकर राजनीति करते हैं.
उन्होंने बेरोज़गारी, शिक्षा में असमानता और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर कई कार्यक्रम आयोजित किए. उनकी सबसे बड़ी ताकत है युवाओं के साथ सीधा संवाद और जुड़ाव, सोशल ( Social Media ) मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी मजबूत उपस्थिति ने उन्हें आम लोगों के बीच और भी लोकप्रिय बना दिया है.
15 अगस्त का ऐतिहासिक भाषण
स्वतंत्रता दिवस अगस्त 2025 को झंडा फहराने के बाद सूर्या सिंह का भाषण शुरू हुआ और केंद्र बिंदु था देशभक्ति, विकास और युवा शक्ति.
उन्होंने कहा :
'झारखंड की धरती ने हमेशा देश को शहीद, क्रांतिकारी और देशभक्त दिए हैं. आज जरूरत है कि हम सब मिलकर देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ. युवाओं का जोश ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगा.'
सूर्या ने अपने भाषण में साफ कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से भरपूर राज्य की असली ताकत उसके युवा हैं. अगर उन्हें सही शिक्षा, रोजगार और अवसर मिले तो वे पूरे देश की दिशा बदल सकते हैं.उनके इस भाषण में न सिर्फ राष्ट्रवाद की झलक थी बल्कि विकास और सामाजिक समरसता का ठोस विज़न भी दिखाई दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल
भाषण की सादगी और गहराई ने हर वर्ग के लोगों को जोड़ दिया. बड़े-बड़े आंकड़े या जटिल शब्दों का इस्तेमाल करने के बजाय उन्होंने सरल भाषा में गहरी बातें कहीं. यही वजह रही कि उनका वीडियो देखते ही देखते लाखों बार शेयर किया गया. झारखंड ही नहीं, बिहार, यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक युवाओं ने इसे शेयर किया। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर हैशटैग #SuryaSinghSpeech ट्रेंड करने लगा .
विदेशों तक पहुंची आवाज
दिलचस्प बात यह है कि भारतीय प्रवासी समुदाय (NRI) ने भी इस भाषण को हाथों-हाथ लिया. अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई और सिंगापुर में बसे भारतीय युवाओं ने इसे शेयर करते हुए लिखा कि सूर्या सिंह नई पीढ़ी की सच्ची आवाज़ हैं.
युवाओं की नई उम्मीद नया रोल मॉडल
झारखंड के युवा सूर्या सिंह में नई उम्मीद देख रहे हैं. जहां पारंपरिक नेता जातीय समीकरणों और सत्ता संघर्ष में फंसे रहते हैं, वहीं सूर्या सीधे युवाओं की बात करते हैं.
राँची यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने कहा :
'सूर्या भैया की बातें दिल से निकलती हैं। उनमें सच में बदलाव लाने का जुनून है। उनका अंदाज़ हमें आकर्षित करता है.'
राजनीतिक विश्लेषकों और पत्रकारों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्या सिंह झारखंड की राजनीति में एक फ्रेश फेस हैं. उनका तरीका अलग है, वे भीड़ जुटाने से ज्यादा लोगों को जोड़ने पर ध्यान देते हैं.
जानकार के मुताबिक, अगर सूर्या सिंह इसी तरह युवाओं और समाज से जुड़े रहे तो आने वाले वर्षों में वे झारखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
सूर्या सिंह का विज़न साफ है
- 1. शिक्षा में सुधार
2. बेरोज़गारी खत्म करना
3. सामाजिक सौहार्द्र और भाईचारा बढ़ाना
4. झारखंड की संस्कृति और परंपरा को नई पहचान दिलाना
5. राज्य को विकास के नए मॉडल में तब्दील करना
6. झारखंड को नई ऊचाईयों पर ले जाना
7. एक समृद्ध राज्य के तौर पर राज्य को स्थापित करना
उनका कहना है कि राजनीति सिर्फ सत्ता का खेल नहीं बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम है. स्वतंत्रता दिवस पर दिया भाषण सूर्या सिंह के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है. सोशल मीडिया पर जिस तरह से युवाओं और विदेशों में इसकी चर्चा हो रही है, उससे साफ है कि झारखंड को अब एक नया नेता मिल गया है. उनकी ईमानदारी, साफ-सुथरी छवि और विकासोन्मुखी सोच ने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर दिया है.अगर वे इसी राह पर चलते रहे तो आने वाले समय में झारखंड और भारत की राजनीति में उनका नाम बड़े नेताओं की सूची में शामिल होना तय है.
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