टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : अमेरिका के राष्ट्रपति पद को संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाए हुए, वे काफी चर्चा में रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी आज भी चर्चा हो रही है और कई निर्णय तो पुराने दोस्त देश के साथ संबंध खराब कर दिए हैं.भारत भी उनमें से एक है.टैरिफ के मामले पर अमेरिका की अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. उनके ज्यादातर टैरिफ को गलत और अवैध बताया है.
जानिए पूरे मामले को विस्तार से
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को अमेरिकी विदेश नीति का स्तंभ बना लिया है और टैरिफ के कारण कई देशों से अमेरिका के संबंध भी खराब हो गए हैं.भारत के साथ अमेरिका के पुराने और अच्छे संबंध भी खत्म होने के कगार पर हैं.50% टैरिफ लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सारे रिश्ते को हासिए पर रख दिया.*
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति का स्तंभ बना लिया था
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इनका इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया. ट्रंप ने विदेश नीति का बड़ा आधार टैरिफ को बना लिया. इससे पूरे विश्व में एक अलग अंतरराष्ट्रीय संबंध का परिदृश्य उत्पन्न हो गया है.
अमेरिका दोस्त देशों के साथ व्यापार समझौतों पर असर पड़ा
अमेरिका की अदालत में 7-4 के बहुमत से दिए फैसले में कहा है कि यह कानून राष्ट्रपति को घोषित राष्ट्रीय आपातकाल के जवाब में कई कार्रवाई करने का महत्व अधिकार देता है. लेकिन इनमें किसी भी कार्रवाई में स्पष्ट रूप से टैरिफ निर्धारित किया. इसी तरह की कार्रवाई करनी या अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार शामिल नहीं है. अदालत ने कहा है कि कोर्ट ने टैरिफ को अक्टूबर के मध्य तक लागू रहने का समय दिया ताकि डोनाल्ड ट्रंप की सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सके.
अमेरिका के राष्ट्रपति ने फैसले का विरोध किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोर्ट के द्वारा दिए गए ताजा फैसला को गलत बताया और कहा कि यह टैरिफ लागू रहेंगे.उन्होंने कहा पक्षपात पूर्ण अपीली अदालत ने गलत तरीके से टैरिफ को गलत बता दिया है लेकिन यह स्पष्ट है कि टैरिफ का निर्णय अमेरिका के हित में है.
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