धनबाद(DHANBAD): धनबाद ,बोकारो सहित झारखंड  के लोग सिर्फ साइबर ठगों  से ही परेशान नहीं है, कई तरह का "लूट तंत्र" और "ठग  तंत्र "यहां काम कर रहा है.  नौकरी की लालच देकर मोटी रकम वसूली जा रही है.  इसके लिए बा कायदा फर्जी गिरोह के लोग लेटर पैड से लेकर सारी व्यवस्था रखते है.  अपने दलालों के जरिए नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले लड़कों का पता लगाते हैं फिर ठगी के लिए सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों के नाम पर पैसा वसूलते है. यहाँ तक उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दे देते है.  ऐसे कई मामले धनबाद कोयलांचल में सामने आए है.  इस तरह के मामले पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज है.  कंपनियों को लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के उपक्रम करने पड़ रहे है.  फिर भी ठगी का धंधा खत्म नहीं होता.

सबने छोड़ रखे है दलाल 
 
 कभी मेडिकल कॉलेज में नामांकन के नाम पर ठगी तो कभी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन के नाम पर ठगी, तो कभी नौकरी के नाम पर ठगी.  इस तरह की ठगी से परेशान होकर बोकारो इस्पात संयंत्र ने नौकरी के झूठे आश्वासन के संबंध में एक सूचना प्रसारित किया है. अखबारों में इससे सम्बंधित सूचना छपवाई गई है.  सूचना में कहा गया है कि सर्वसाधारण को यह  मालूम हो कि सेल , बोकारो इस्पात संयंत्र में नियोजन की एक पूर्व निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया है.  संयंत्र में होने वाले रिक्तियों  को नियोजनालय में अधिसूचित किया जाता है तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाता है.  नियुक्तियों को सेल के वेबसाइट पर भी डाला जाता है.  नौकरी के लिए आवेदन सेल के वेबसाइट पर किए जाने का प्रावधान होता है.  आवेदन की अधिकतम शुल्क ₹500 होती है.  चयनित उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट भी सेल की वेबसाइट पर डाला जाता है. 

 प्रमाण पत्रों की जांच  कंपनी के अस्पताल में होती है 

प्रमाण पत्रों की जांच  कंपनी के अस्पताल में चिकित्सा जांच के बाद उम्मीदवारों को कंपनी की सेवा में बहाल किया जाता है. नियोजन की प्रक्रिया गोपनीय है, जिसमें किसी भी व्यक्ति कोई जानकारी किसी से साझा  नहीं कर सकता है.  नियोजन के लिए किसी भी व्यक्ति को न कोई  आश्वासन दिया जाता है और किसी भी प्रकार की मांग की जाती है. अपील की गई है कि  किसी के  झांसे में नहीं फंसे और पुलिस को सूचना दे.  किसी भी आशंका से बचने के लिए कृपया सेल वेबसाइट पर नियोजन के विज्ञापन की पुष्टि करे.   अधिकारिक सूचना पर विश्वास करे.  सूचना में अपील की गई है कि नियोजन का आश्वासन देने वाले किसी भी व्यक्ति से सतर्क रहें एवं किसी भी भ्रामक दुष्प्रचार का शिकार नहीं बने. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो