लातेहार(LATEHAR): किसी क्षेत्र में किसी तरह की तस्करी की जाती है तो उसे रोकने की जिम्मेवारी स्थानीय पुलिस की होती है.लेकिन जब पुलिस ही इस तस्करी में शामिल हो जाएगी तो फिर रोकेगा कौन. कुछ ऐसा ही हाल है बालुमाथ और चंदवा प्रखण्ड क्षेत्र का,यहां धड़ल्ले से लोहे की चोरी की जा रही है.चाहे अभिजीत पावर प्लांट हो या सरकारी बिजली के पोल इतना तो छोड़िए लोहा तस्करों ने पानी के पाइप को भी नहीं छोड़ा है. इस पूरे खेल में स्थानीय पुलिस से लेकर एक बड़ा सरगना काम कर रहा है. अब ग्रामीणों ने जिले के उपायुक्त और एसपी से इस खेल पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे है.
स्थानीय युवकों को पैसे का लालच देकर कराया जा रहा तस्करी
बता दें कि चंदवा प्रखण्ड के चकला पंचायत मे स्थापित बंद पड़े अभिजीत पावर प्लांट, बालूमाथ दामोदर नदी में बिछाई गई पानी पाइप लाइन और बिजली का लोहे का पोल तस्करों के निशाने पर है. तस्करों के द्वारा हर दिन हजारों किलो लोहे को काट कर बेच रहे हैं. तस्करों का एक पूरा गैंग है जो युवकों को पैसे का लालच देकर लोहे की तस्करी करा रहे है.हर दिन दर्जनों दो पहिया और चार पहिया वाहन से लोहे की तस्करी जारी है. लोहा काटने के बाद इसे बालूमाथ में कबाड़ दुकान में बिक्री किया जाता है. इन सब के बावजूद पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है.
जिस तरह से लोहे की चोरी जारी है इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही पूरे प्लांट और पाइप लाइन को चोर खत्म कर देंगे.लोहे की तस्करी से हर माह लाखों रुपये की कमाई की जा रही है.ग्रामीणों के मुताबीत अब तक करोड़ों के लोहे को तस्कर डकार चुके है.यह सिलसिला रुकने के बजाए दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है.
ताज़ा मामले की बात करें तो चकला से दामोदर नदी तक पानी सप्लाई के लिए 13 मिटर का लगभग 600 पीस लोहे का पाइप लगाया गया था. जिसे तस्करों ने मिट्टी काट कर अधिकांश लोहे की पाइप को चोरी कर बेच दिया. अभी एक पाइप की वजन लगभग 3 टन है जिसकी कीमत खुले बाजार में लगभग एक लाख रुपये होती है.
चोरी का लोहा कबाड़ी तक पहुंचाने में विभिन्न लोगों की अहम भूमिका
चकला से दामोदर तक पानी को लेकर बिछाई गई लोहे का पाइप को तस्करों द्वारा जमीन के अंदर निकालने के लिए मजदूर को प्रति पाइप तीन सौ से चार सौ रुपये ठेके पर दिया जाता है. जिसके बाद कटर मिस्त्री को तस्कर द्वारा गैस उपलब्ध करा कर लंबे पाइप को दो से तीन फीट का टुकड़ा कराया जाता है. ताकि बाइक से कबाड़ी दुकान तका आसानी से पहुंचाया जा सके.पाइप काटने के बाद सैकड़ो बाइक सवार चालक अहले सुबह व रात के अंधेरे मे अपने अपने वाहनों पर लोहा लाद कर विभिन्न ग्रामीण सड़कों से होते हुए निश्चित स्थान पर पहुंचाया जाता है. जहां कबाडी दुकानदारों द्वारा 32 से 33 रुपये प्रति किलो चोरी का लोहा खरीद कर पहले से खड़ा रखें बड़े वाहनों को लोड कर साम होते होते बाहर मंडियों लोहा फैक्ट्री तक भेज दिया जाता है.
Recent Comments