चाईबासा(CHAIBASA): झारखंड में फिलहाल त्योहारों का माहौल चल रहा है और ऐसे में लोगों का खर्च आम दिनों की अपेक्षा दो से तीन गुणा तक बढ़ जाता है. लेकिन इस वक्त भी पारा शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. दरअसल, पारा शिक्षकों को तीन महीने से मानदेय नहीं दिया गया है. जिसकी वजह से पारा शिक्षकों की हालत काफी खराब हो चुकी है. उक्त बातें पारा शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र कराई ने कही. उन्होंने विश्वकर्मा पूजा से पूर्व बकाया भुगतान करने के साथ दुर्गा पूजा से पूर्व सितंबर महीने का वेतन भी भुगतान करने की मांग की है.
प्रखंड सचिव सुखी कुमहार ने कहा कि पारा शिक्षकों की हालत दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर है. कर्ज के बोझ तले पारा शिक्षकों को अब दुकानदारों ने कर्ज देना बंद कर दिया है. किराने का दुकानदार पारा शिक्षकों को देखते ही उधार नहीं देते हैं तो सब्जी और दूधवाले सामान देना बंद कर चुके हैं. खेतों में मजदूर काम पर नहीं लग रहे हैं. कुल मिलाकर जिंदगी बड़ी कठिन दौर से गुजर रही है.
सरकार विश्वकर्मा पूजा से पूर्व वेतन का करे भुगतान
नरसिंह कराई ने कहा कि हमारे शिक्षक मानदेय के आभाव में पैसे की कमी के कारण बुरी स्थिति में हैं. लेकिन सरकार को उसकी कोई चिंता नहीं है. पारा शिक्षक की हालत बहुत खराब हो गई है. सरकार वादा खिलाफी कर रही है न अनुकम्पा न ईपीएफ न इंक्रीमेंट न आकलन परीक्षा न टेट विसंगति का समाधान कर रही है. सरकार ने हमें राम भरोसे छोड़ दिया है.
वहीं, अर्जुन बानरा ने कहा कि पारा शिक्षकों का समुचित समाधान हो और कुल बकाया राशि का भुगतान किया जाए. पारा शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी समस्या सेवाकाल में मृत्यु या सेवानिवृति को लेकर है. अर्जुन बानरा ने कहा कि पारा शिक्षकों का समुचित समाधान हो, कुल बकाया राशि का भुगतानन हो. वहीं, उन्होंने कहा कि भविष्य के गुजारा के लिए पारा शिक्षकों का पेंशन लागू किया जाए. नहीं तो जो पारा शिक्षक आकाल मृत्यु के शिकार होते है उनके परिजनों से इसका दंश मालूम किया जा सकता है, हर हाल में सरकार पेंशन लागू करे.
रिपोर्ट: संतोष वर्मा, चाईबासा
Recent Comments