टीएनपी डेस्क(TNP DESK): राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को दो धर्मांद्ध युवकों द्वारा बेरहमी से कत्ल किये गए टेलर कन्हैयालाल की अंतिम यात्रा में हजारों का हुजूम उमड़ा. जिसमें युवाओं की संख्या अधिक थी। वे नारे लगा रहे थे। उनकी मांग थी कि सुबह बंद किेये गए लड़के छोड़े जाएं, उसके बाद अंतिम संस्कार होगा। मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कुछ देर के लिए रोक दिया गया. विभिन्न थानों में पकड़े गए युवाओं को छोड़ने के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में विधायक धर्मनारायण जोशी, अमृत मीणा और दीप्ति किरण माहेश्वरी भी मौजूद थे.

 

इस दौरान सूरजपोल चौराहे पर युवाओं ने बापू बाजार जाने की कोशिश की तो पुलिस ने रोका. पुलिस बल को एक तरफ बातों में उलझाते हुए युवा दूसरा मार्ग अपनाते हुए बापू बाजार में प्रवेश कर गए. आक्रोशित युवाओं ने श्मशान घाट से पहले एक गैराज को भी आग लगाने की कोशिश की. मृतक की पत्नी जशोदा साहू ने रोष जताते हुए कहा कि पूरा परिवार कई दिनों से चिंतित था कि कुछ अनहोनी ना हो जाए. हत्यारे हमें बार-बार धमकी दे रहे थे और हम प्रशासन से बार-बार गुहार लगा रहे थे लेकिन पुलिस ने कोई सुरक्षा प्रदान नहीं की. उन्होंने हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग की.

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मामले में आरोपित द्वारा जारी वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धमकी देने के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच सौंपी है. सूत्रों के अनुसार एनआईए के दो अधिकारी उदयपुर पहुंच चुके हैं और उन्होंने सुबह संबंधित क्षेत्र का दौरा भी किया. फिलहाल स्थानीय पुलिस से इनपुट प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि दस दिन पहले नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले दर्जी कन्हैयालाल का मंगलवार को तालिबानी तरीके से मर्डर कर दिया गया. हत्या के आरोपित गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार मंगलवार को दिनदहाड़े उसकी दुकान में घुसे. फिर चाकू से कई वार किए और उसका गला काट दिया. पुलिस ने घटना के चार घंटे बाद ही दोनों आरोपितों गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार को राजसमंद से गिरफ्तार किया. इनके अलावा तीन अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है. दोनों हत्यारों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टविटी (यूएपीए) एक्ट समेत आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोपहर में कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए आला अफसरों के साथ बैठक की.